सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं, कला, संगीत, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को समाज की नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक संगठित प्रयास।
संस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक मूल्यवान दृष्टि है।
सांस्कृतिक समिति का उद्देश्य भारतीय एवं सनातन सांस्कृतिक मूल्यों, लोक परंपराओं, संगीत, कला, साहित्य, पर्व और संस्कारों को समाज से जोड़ना है।
सर्वेश्वर शिव धाम की व्यापक परिकल्पना में आध्यात्मिक चेतना, सेवा और सनातन संस्कृति को एक साथ आगे बढ़ाने की भावना है।
समिति बच्चों, युवाओं, परिवारों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को जोड़कर सकारात्मक सांस्कृतिक वातावरण विकसित करने का प्रयास करेगी।
भारतीय और सनातन सांस्कृतिक मूल्यों को समाज तक पहुँचाना।
बच्चों और युवाओं में अच्छे संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव विकसित करना।
संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला और लोक कलाओं को प्रोत्साहन देना।
भारतीय पर्व, उत्सव, धार्मिक परंपराओं और लोक विरासत को आगे बढ़ाना।
संस्कृति को केवल जानना नहीं, उसे जीवन और समाज में जीवंत रखना हमारा उद्देश्य है।
शिव भजन, कीर्तन और भक्तिमय संगीत के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण बनाना।
कथा, सत्संग और धार्मिक ज्ञान कार्यक्रमों में सांस्कृतिक सहयोग।
महाशिवरात्रि, धार्मिक पर्व और भारतीय उत्सवों के आयोजन में सहभागिता।
लोक नृत्य, लोक संगीत, नाटक और पारंपरिक कला को मंच देना।
स्थानीय एवं उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के अवसर देना।
बच्चों में भारतीय संस्कृति, शिष्टाचार, संस्कार और सेवा भावना का विकास।
युवाओं को कला, संस्कृति, नेतृत्व और सामाजिक सेवा से जोड़ना।
भारतीय दर्शन, इतिहास, साहित्य और ज्ञान परंपरा से परिचय कराना।
कलाकारों, संस्थाओं और सांस्कृतिक समूहों के साथ सहयोग विकसित करना।
सर्वेश्वर शिव धाम की प्रस्तावित परिकल्पना में संस्कृति, कला, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के लिए एक समर्पित वातावरण विकसित करने की दिशा।
ऐसा वातावरण जहाँ बच्चे, युवा, कलाकार, विद्वान और सांस्कृतिक समूह भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा से जुड़े कार्यक्रम कर सकें।
यहाँ भजन, कीर्तन, नृत्य, नाटक, लोक कला, कथा, सत्संग, संस्कार कार्यक्रम और भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित गतिविधियों की परिकल्पना की जा सकती है।
भजन, कीर्तन एवं भारतीय संगीत
भारतीय एवं लोक नृत्य परंपरा
नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
भारतीय कला एवं रचनात्मक प्रतिभा
भारतीय साहित्य एवं ज्ञान परंपरा
भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व
कथा, प्रवचन एवं आध्यात्मिक संवाद
स्थानीय परंपराएँ एवं लोक विरासत
बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, अनुशासन, सेवा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास।
स्थानीय और उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर देने की दिशा।
अपनी प्रतिभा, समय, ज्ञान और सहयोग के माध्यम से सांस्कृतिक सेवा से जुड़ें।
संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, यह हमारी अगली पीढ़ी के संस्कारों की नींव है।
आइए, अपनी भारतीय संस्कृति, कला, परंपरा और सेवा भावना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के इस संकल्प का हिस्सा बनें।